श्री सदा शिव अनुष्ठान पूजन समिति, रजि० 01778 (सोसायटी एक्ट - 1860, उ०प्र०) रजि० - कार्यालय , रुद्रपुर धर्माथ उत्थान के प्रयासों हेतु समर्पित एक संस्था है. समिति एवं समिति के सदस्यों का एक मात्र प्रयास है कि आधुनिकता की चकाचौध में सनातन धर्म के जिनआदर्शों और मूल्यों को लोग भूलते जा रहें हैं उनकी पुनर्स्थापना करना. जिससे कि पुनः भारतवर्ष विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर हो सके. संस्था के उद्देश्य निम्नलिखित हैं...
सूचना: दिनांक माघ बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर पंचदिवसीय महायज्ञ विश्व के कल्याण हेतु मृत्युंजय मंदिर, वाराणसी में अनुष्ठान, पूजन एवं यज्ञ का शुभारंभ किया जाएगा।
इस पावन अनुष्ठान / यज्ञ में संस्था के सभी सदस्य, पदाधिकारी एवं आम जनमानस को सादर आमंत्रित किया जाता है।
(अध्यक्ष)
(महामंत्री)
(कोषाध्यक्ष)
(कार्यालय प्रभारी)
(संगठन मंत्री)
(प्रवक्ता)
(सलाहकार)
(व्यवश्थापक)
श्री दुग्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर अत्यंत ही प्राचीन मंदिर है। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद मुख्यालय से तकरीबन 23 किमी दूर स्थित रुद्रपुर उपनगर, उपकाशी के रूप में प्रसिद्ध है। यहां के बाबा दुग्धेश्वर नाथ मंदिर का इतिहास पुराना है। चार वर्ष पर लगने वाले अधिक मास पर इस धार्मिक स्थल का विशेष महत्व है। नीसक पत्थर से बने शिवलिंग को महाकालेश्वर उज्जैन का उपज्योर्तिलिंग माना जाता है। मान्यता है कि शिवलिंग के स्पर्श मात्र से ही कष्ट दूर हो जाते हैं।
हमारी संस्था एक सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठन है, जो सनातन धर्म के शाश्वत मूल्यों, भारतीय संस्कृति एवं मानवता की सेवा के उद्देश्य से कार्यरत है। हम मानते हैं कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, सद्भाव और कल्याण की दिशा देने वाली पूर्ण जीवन-पद्धति है।
संस्था का उद्देश्य संस्कृत भाषा एवं वैदिक परंपराओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करना, समाज में फैले अंधविश्वास एवं कुरीतियों को दूर करना तथा जाति-उपजाति के भेद से ऊपर उठकर समभाव एवं सामाजिक समरसता की स्थापना करना है।
निर्धन एवं असहाय कन्याओं के दहेज़-रहित सामूहिक विवाह, गो-सेवा एवं गो-वंश संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण तथा प्राकृतिक आपदाओं में सेवा एवं सहयोग प्रदान करना संस्था की प्रमुख गतिविधियाँ हैं।
भारतवर्ष के विभिन्न पवित्र धर्मस्थलों पर पर्व एवं विशेष अवसरों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जनमानस को अपनी संस्कृति से जोड़ना संस्था का निरंतर प्रयास है।
भगवान शिव-शक्ति को सर्वस्व समर्पित करते हुए प्रत्येक वर्ष अनुष्ठान एवं यज्ञों का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य विश्व-कल्याण एवं शांति की स्थापना है। “सत्यम् शिवम् सुन्दरम्” संस्था परिवार का मूल दर्शन है।